Kisan Drone Yojana 2023 | किसान ड्रोन योजना आवेदन, 5 लाख की सब्सिडी, लाभ एवं पात्रता

Kisan Drone Yojana 2023

किसान ड्रोन योजना 2023 के ऑनलाइन पंजीकरण | किसान ड्रोन योजना क्या है, सब्सिडी स्थिति, लाभ, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया – केंद्र सरकार ने किसानों की आय को दोगुना करने और उन्हें तकनीकी खेती से जोड़ने के लिए कई योजनाओं का आयोजन किया है। इसी दिशा में, भारत सरकार ने अब ‘किसान ड्रोन योजना’ शुरू की है, जिसके तहत किसानों को कृषि ड्रोन खरीदने पर सरकारी सहायता उपलब्ध की जाएगी। प्रधानमंत्री किसान ड्रोन योजना 2023 के माध्यम से किसानों को उनके खेतों में कीटनाशक और पोषक तत्वों का छिड़काव करने के लिए ड्रोन खरीदने पर 50% या अधिकतम 5 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। हम आपको इस लेख में ‘किसान ड्रोन योजना 2023’ से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी प्रदान करेंगे, तो आप हमारे साथ अंत तक जरूर बने रहें

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किसान ड्रोन योजना क्या है?

“कृषकों को तकनीकी खेती से जोड़ने की दिशा में भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसका नाम ‘किसान ड्रोन योजना 2023’ है। इस योजना के तहत किसानों को कृषि ड्रोन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और उन्हें ड्रोन की खरीद पर अनुदान प्रदान किया जाता है। प्रधानमंत्री किसान ड्रोन योजना 2023 के अंतर्गत विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों के किसानों को ड्रोन की खरीद पर विभिन्न सब्सिडी प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत एससी-एसटी, छोटे और सीमांत, महिला और पूर्वोत्तर राज्यों के किसानों को 50% या अधिकतम 5 लाख रुपए तक का अनुदान प्रदान किया जाता है। शुरुआती दौर में, केंद्र सरकार ने यह योजना देश के प्रत्येक गांव में केवल एक किसान तक ड्रोन पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया था, और बाद में इसे संशोधित कर ड्रोन खरीदने पर अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया था।

  • “किसान इन ड्रोन के माध्यम से लाभार्थी किसान विभिन्न महत्त्वपूर्ण कृषि संबंधी कार्यों को बड़ी सरलता से कर सकेंगे, जैसे:
    1. अपने भूमि के अभिलेख करना।
    2. फसलों की मूल्यांकन करना।
    3. कीटनाशक एवं पोषक तत्वों का छिड़काव करना।

    साथ ही, इन कृषि ड्रोनों के माध्यम से किसान एक एकड़ भूमि पर सात से दस मिनट के अंतराल में कीटनाशक, दवाइयां और यूरिया छिड़का सकेंगे। इससे किसानों को समय, श्रम और पैसों की बचत होगी, साथ ही कीटनाशक, दवाइयां और उर्वरक की भी बचत होगी।”

Overview of Kisan Drone Yojana

योजना का नामकिसान ड्रोन योजना
आरम्भ की गईप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा
वर्ष2023
लाभार्थीदेश के सभी किसान
आवेदन की प्रक्रियाऑनलाइन/ऑफलाइन
उद्देश्यकिसानों को कृषि ड्रोन खरीदने पर अनुदान प्रदान करना
लाभ50% अथवा अधिकतम 5 लाख रूपये तक की सब्सिडी
श्रेणीकेंद्र सरकारी योजनाएं
आधिकारिक वेबसाइट———————-

Kisan Drone Yojana 2023 का उद्देश्य 

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा आरंभ की गई ‘किसान ड्रोन योजना 2023’ का मुख्य उद्देश्य देश के किसान भाइयों को कृषि ड्रोन खरीदने के लिए प्रेरित करना और ड्रोन की खरीद पर अनुदान प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को कृषि ड्रोन खरीदने पर 50% या अधिकतम 5 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इन ड्रोनों के माध्यम से लाभार्थी किसान अपने खेतों में बड़े पैमाने पर खाद, पोषक तत्व और अन्य कीटनाशकों को छिड़काव कर सकेंगे, जिससे किसानों का समय और पैसा दोनों बचेगा। ‘प्रधानमंत्री किसान ड्रोन योजना 2023’ के माध्यम से देश के किसानों को तकनिकी खेती से जोड़ा जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र में आधुनिकीकरण लाया जा सकेगा और कृषि क्षेत्रों का विकास और उत्थान किया जा सकेगा। इसके साथ ही भारत सरकार ने ड्रोन के आयात को प्रतिबंधित कर दिया है, जिससे अब देश में ड्रोन के विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

पानी की बचत होगी 

प्रधानमंत्री किसान ड्रोन योजना 2023 के माध्यम से पानी की भी बचत हो सकेगी, क्योकि जब एक एकड़ खेत में पारंपरिक तरीके से दवा का छिड़काव किया जाता है तो ऐसी स्थिति में पानी की करीब 150 लीटर से लेकर 200 लीटर तक की आवश्यकता होती है, इसके विपरीत अगर एक एकड़ जमीन में ड्रोन से छिड़काव किया जाता है तो छिड़काव का कार्य सिर्फ 10 लीटर पानी में ही पूर्ण कर लिया जाता है, ड्रोन से छिड़काव करने की स्थिति में पानी की बहुत बचत हो जाती है। इसके अतिरिक्त खेती में 50% से अधिक भू जल की आवश्यकता होती है, इस बात को ध्यान में रखते हुए अगर हमारे द्वारा ड्रोन के माध्यम से खेती के कार्य को किया जाएगा तो इससे पानी की भी बचत होगी, और पानी की बचत से पर्यावरण पर भी अच्छा प्रभाव पड़ेगा।

योजना के माध्यम से पैसो की बचत तथा खेती की लागत कम होगी 

यदि किसान खेती को पारंपरिक तरीके से करता है, तो उसे खेती के लिए दो या तीन मजदूरों की आवश्यकता होती है। इस तरह, एक मजदूर की मजदूरी 500 रुपए हो जाती है, और तीनों मजदूरों की मजदूरी 1500 रुपए हो जाती है, जिससे काफी खर्च होता है। उसके विपरीत, यदि ड्रोन के माध्यम से खेतों में छिड़काव किया जाता है, तो किसान को एक एकड़ जमीन पर छिड़काव करने में 400 रुपए का खर्च आता है, जिससे किसानों के पैसों में बचत होती है और उन्हें खेतों के बीच जाने की आवश्यकता नहीं होती। इसके अलावा, ड्रोन तकनीक से छिड़काव करने से किसानों की पानी की बचत भी होगी।

कृषि में ड्रोन के क्या फायदे है

खेती के समय, किसान भाइयों को अपनी पूरी फसलों में खाद और अन्य कीटनाशकों का छिड़काव करने में कई बार असमर्थ रहते हैं। इसी चिंता को देखते हुए प्रधानमंत्री जी ने ड्रोन तकनीक को शुरू किया है। अब सभी किसान अपनी फसलों पर यूरिया और अन्य कीटनाशकों का छिड़काव ड्रोन की सहायता से बहुत ही कम समय में और आसानी से कर सकेंगे। इस प्रक्रिया से किसानों का समय भी बचेगा। इसके अलावा, किसानों की अन्य दवा, खाद उर्वरक और कीटनाशक आदि पर भी बचत हो सकेगी। इन ड्रोनों के माध्यम से पांच से दस मिनट में एक एकड़ खेत में कीटनाशक, दवा, खाद उर्वरक आदि का छिड़काव होगा। इसके साथ ही, छिड़काव करने वाले स्थान पर किसान नजर भी रख सकेंगे क्योंकि इन ड्रोनों में कैमरे लगे होते हैं। इन कैमरों की सहायता से किसान ऐसी जगहों को भी देख सकते हैं जहां उनकी नजर आमतौर पर नहीं पहुंचती है। किसानों को खेत के बीच जाने की भी आवश्यकता नहीं होगी और वे वहां के स्थान को भी आसानी से नजर रख सकेंगे।

कम मूल्यों वाले टॉप 3 कृषि ड्रोन 

  • एस 550 स्पीकर ड्रोन- यह ड्रोन 10 लीटर कीटनाशक को छिड़काने की क्षमता रखता है और इसमें जीपीएस प्रणाली भी शामिल है। इसके अलावा, इस ड्रोन में ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन उपलब्ध है जो इसे बारिश में भी उड़ाने की क्षमता प्रदान करता है क्योंकि इसकी बॉडी वॉटर प्रूफ है। इस ड्रोन का सेंसर बहुत शक्तिशाली है और किसी बाधा की चेतावनी देने की क्षमता रखता है। इसकी कीमत लगभग 4.5 लाख रुपए है।
  • मोड 2 कार्बन फाइबर कृषि ड्रोन- यह कृषि ड्रोन का मॉडल केसीआई हेक्साकॉप्टर है जिसमें 10 लीटर तक तरल पदार्थ उठाने की क्षमता है। देश में इसकी मूल्य लगभग 3.6 लाख रुपए है और इसमें एनालॉग कैमरे भी हैं।
  • केटी-डॉन ड्रोन- इस ड्रोन का आकार काफी बड़ा है और यह 10 लीटर से लेकर 100 लीटर तक तरल पदार्थ उठा सकता है। इसमें क्लाउड इंटेलिजेंट मैनेजमेंट की तकनीक है और इसे हैंडहेल्ड स्टेशन और मैप प्लानिंग फंक्शन के साथ तैयार किया गया है। भारत में इसकी कीमत 3 लाख रुपए से शुरू होती है और इस ड्रोन की विशेषता यह है कि इसके सहायता से स्टेशन द्वारा अन्य ड्रोनों को नियंत्रित किया जा सकता है।

कृषि ड्रोन पर सब्सिडी से जुड़े मुख्य तथ्य

कृषि मशीनरीकरण पर उप-मिशन योजना के अंतर्गत, सरकार ने किसानों को सस्ते कृषि यंत्र प्रदान करने का आरम्भ किया है। इस योजना के अंतर्गत, किसानों के साथ-साथ अन्य नागरिकों को भी ड्रोन खरीदने पर सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाता है।

इसके साथ ही, केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने ड्रोन तकनीक को सस्ता करने के लिए दिशा निर्देशों को आईसीएआर संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्रों, और कृषि विश्वविद्यालयों को वित्त पोषण करने हेतु जारी किया है।

किसानों उत्पादन संगठनों को 75% तक की आर्थिक सहायता ड्रोन खरीदने के लिए प्रदान की जाएगी, जो 31 मार्च 2023 तक जारी रखी जाएगी।

इस योजना के तहत, ड्रोन प्रदर्शन करने हेतु किराए पर लेने वाली एजेंसियों को आकस्मिक खर्चे के रूप में प्रतिमाह 6000 रुपए प्रदान किए जाएंगे।

वे एजेंसियां जो ड्रोन खरीद कर प्रदर्शन करती हैं, उन सभी को प्रति हेक्टेयर 3000 रुपए का आकस्मिक खर्च प्रदान किया जाएगा।

  • “किसान ड्रोन योजना” का आयोजन केंद्र सरकार ने किया है, जिसका उद्देश्य देश के किसानों को तकनीकी कृषि से जोड़ना है। इस योजना के अंतर्गत, किसानों को कृषि ड्रोन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और उन्हें ड्रोन के खरीद पर सरकारी अनुदान भी प्रदान किया जाता है।भारत सरकार ने इस योजना के तहत किसानों को उनके वर्ग और क्षेत्रों के आधार पर वर्गीकृत करके भिन्न-भिन्न अनुदान की राशि प्रदान की है।”प्रधानमंत्री किसान ड्रोन योजना 2023″ के अंतर्गत, छोटे एवं सीमांत, एससी/एसटी, महिलाओं और पूर्वोत्तर राज्यों के किसानों को 50% या अधिकतम 5 लाख रुपए तक की धनराशि अनुदान के रूप में प्रदान किया जाता है।अन्य कृषकों को 40 प्रतिशत या अधिकतम 4 लाख रुपए तक का अनुदान प्रदान किया जाता है।इस योजना के अनुसार, एफपीओ को 75% और कृषि मशीनरीकरण पर उप मशीन के अंतर्गत मान्यता प्राप्त कृषि ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट और कृषि विज्ञान केंद्रों को सौ प्रतिशत का अनुदान प्रदान किया जाता है।

    लाभार्थी किसान इन कृषि ड्रोन की सहायता से भूमि अभिलेख, फसल मूल्यांकन, कीटनाशक और पोषक तत्वों के छिड़काव आदि जैसे आवश्यक कार्य आसानी से कर सकते हैं।

    इसके साथ ही लाभार्थी किसान ड्रोन के माध्यम से एक एकड़ भूमि पर सात से दस मिनट के अंतराल में ही कीटनाशक, दवाइयों और यूरिया का छिड़काव कर सकते हैं।

    इससे किसानों के समय, श्रम और पैसों की बचत होगी, और कीटनाशक, पोषक तत्व और खाद उर्वरकों की भी बचत होगी।

    वर्तमान समय में राजस्थान और महाराष्ट्र राज्यों के किसानों द्वारा खेती में ड्रोन का प्रयोग हो रहा है। इसके अलावा, भविष्य में अन्य राज्यों के किसानों द्वारा भी कृषि कार्यों में ड्रोन का प्रयोग होने की संभावना है।

ड्रोन उड़ाने हेतु निर्धारित शर्तें

  • किसानों को हाईटेंशन लाइन अथवा मोबाइल टावर वाले स्थानों पर ड्रोन उड़ाने के लिए अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा।

    आवासीय क्षेत्रों के निकट खेती होने की स्थिति में भी किसानों को अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

    कृषक ग्रीन जोन के क्षेत्रों में भी ड्रोन के माध्यम से दवाई छिड़काव का कार्य नहीं किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, बिगड़े हुए मौसम या तेज़ हवाओं में भी ड्रोन उड़ान की अनुमति नहीं होगी।”

    1. किसान ड्रोन योजना क्या है?

      किसान ड्रोन योजना 2023 एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य किसानों को तकनीकी कृषि के लाभ से जोड़ना है। इस योजना के तहत, किसानों को कृषि ड्रोन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और उन्हें ड्रोन की खरीद पर सरकारी अनुदान भी प्रदान किया जाता है।

    2. ड्रोन कैसे काम करेगा?

      किसान ड्रोन कृषि कार्यों में सहायता करने के लिए उपयोग किया जाएगा, जैसे कीटनाशक, उर्वरक, खाद, आदि की छिड़काव करना। ड्रोन अपडेटेड तकनीक के साथ लैस होगा ताकि यह कृषि कार्यों को अधिक दक्ष तरीके से कर सके।

    3. कैसे किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं?

      किसान इस योजना के तहत अपनी क्षमताओं और क्षेत्रों के आधार पर वर्गीकृत कर के अलग-अलग अनुदानों का लाभ उठा सकते हैं।

    4. कौन-कौन से लाभार्थी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं?

      छोटे एवं सीमांत, एससी/एसटी, महिलाओं एवं पूर्वोत्तर राज्यों के किसान इस योजना से लाभ उठा सकते हैं।

    5. किसान ड्रोन का खरीद कैसे कर सकते हैं?

      योजना के तहत, किसानों को कृषि ड्रोन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और उन्हें ड्रोन की खरीद पर सरकारी अनुदान भी प्रदान किया जाता है।

    6. कौन-कौन सी कृषि क्रियाएँ ड्रोन से की जा सकती हैं?

      ड्रोन की सहायता से भूमि अभिलेख, फसल मूल्यांकन, कीटनाशक एवं पोषक तत्वों के छिड़काव आदि जैसे आवश्यक कार्य किए जा सकते हैं।

    7. कौन-कौन से राज्यों में ड्रोन का प्रयोग किया जा रहा है?

      वर्तमान समय में, राजस्थान एवं महाराष्ट्र राज्य के किसानों द्वारा खेती में ड्रोन का प्रयोग किया जा रहा है।

    8. भविष्य में क्या अनुमान है कि अन्य राज्यों में भी ड्रोन का प्रयोग होगा?

      हाँ, भविष्य में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि देश के अन्य सभी राज्यों में भी कृषि कार्यों में ड्रोन का प्रयोग होगा।

    9. किसान ड्रोन योजना से संपर्क कैसे कर सकते हैं?

      किसान ड्रोन योजना से संपर्क करने के लिए व्यवस्थित विधि का पालन करें और कृषि विभाग या संबंधित सरकारी अधिकारी से संपर्क करें।

    यह कुछ मुख्य प्रश्न और उनके उत्तर हैं जो किसान ड्रोन योजना 2023 के बारे में सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं।

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